जहाँ बेसहारा और मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त लोगों को सिर्फ़ आश्रय नहीं, अपनापन मिलता है।

घरौंदा आश्रम सागर (मध्यप्रदेश) में स्थित एक सामाजिक संस्था है, जो दिव्यांग, मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त बच्चे एवं वयस्क, वृद्ध तथा बेसहारा महिलाएँ और पुरुषों को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, निरंतर देखभाल और सम्मानजनक जीवन प्रदान करती है।

हम विशेष रूप से उन लोगों की देखभाल पर केंद्रित हैं जो मानसिक या बौद्धिक चुनौतियों के कारण स्वयं अपनी सुरक्षा और आवश्यकताओं का ध्यान नहीं रख पाते।

आज हमारे आश्रम में

55

महिलाएँ

80

पुरुष

25

बच्चे

🌹 आपका सहयोग किसी के लिए सिर्फ़ मदद नहीं, जीवनदाई बन सकता है

हमारे बारे में

घरौंदा आश्रम की स्थापना 06 जनवरी 2001 को डॉ. प्रीति यादव द्वारा एक सामाजिक सेवा पहल के रूप में की गई थी। प्रारंभ में यह प्रयास सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ, लेकिन समय के साथ यह एक संगठित और विश्वसनीय संस्था के रूप में विकसित हुआ।

वर्ष 2010 में इसे "घरौंदा आश्रम" के रूप में स्थायी पहचान प्राप्त हुई।

यह आश्रम सागर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग, मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त, असहाय और बेसहारा लोगों के लिए एक सुरक्षित और मानवीय आश्रय स्थल है।

हमारा मानना है कि सेवा का अर्थ केवल भोजन या छत उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और अपनापन लौटाना ही सच्ची सेवा है।

संस्थापक

डॉ. प्रीति यादव

डॉ. प्रीति यादव

डॉ. प्रीति यादव घरौंदा आश्रम की संस्थापक एवं मार्गदर्शक हैं। उनकी पूरी शिक्षा, शोध और जीवन का कार्य दिव्यांग एवं मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त बच्चों और वयस्कों की देखभाल, शिक्षा और पुनर्वास को समर्पित रहा है।

उन्होंने अपनी सभी शैक्षणिक योग्यताएँ विशेष रूप से दिव्यांगता और मानसिक चुनौतियों के क्षेत्र में प्राप्त की हैं:

Bachelor of Education (B.Ed) – Individual Disability
(शिक्षा स्नातक – व्यक्तिगत दिव्यांगता)
Master of Education (M.Ed) – Individual Disability
(शिक्षा स्नातकोत्तर – व्यक्तिगत दिव्यांगता)
Doctor of Philosophy (Ph.D) – Rehabilitation of Mentally Challenged Individuals
(मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास पर शोध)

उनकी शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इसे व्यावहारिक सेवा और जमीनी कार्य के रूप में जीवन भर अपनाया है। उन्होंने विशेष रूप से उन दिव्यांग, मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त एवं परित्यक्त अनाथ बच्चों और असहाय व्यक्तियों के साथ कार्य किया है, जिनके पास न परिवार है और न ही कोई संरक्षक।

"मेरा दृढ़ विश्वास है कि हर व्यक्ति, चाहे उसकी मानसिक या शारीरिक स्थिति कुछ भी हो, सम्मान और अपनापन पाने का पूर्ण अधिकार रखता है।"

— डॉ. प्रीति यादव

उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में घरौंदा आश्रम आज अनेक जरूरतमंद लोगों के लिए घर, सुरक्षा और आशा का केंद्र बन चुका है।

मिशन

हमारा उद्देश्य समाज के उन लोगों के जीवन में स्थिरता और गरिमा लाना है जो किसी कारणवश स्वयं अपने जीवन का संरक्षण नहीं कर पाते।

सुरक्षित आश्रय

दिव्यांग एवं मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त बच्चों और वयस्कों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना

देखभाल एवं संरक्षण

वृद्ध और बेसहारा लोगों को देखभाल एवं संरक्षण देना

भोजन और स्वास्थ्य

सभी निवासियों को नियमित भोजन और स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना

सम्मान का अधिकार

समाज में यह जागरूकता फैलाना कि हर व्यक्ति सम्मान के साथ जीने का अधिकार रखता है

हमारा कार्य

घरौंदा आश्रम का संचालन मुख्यतः जनसहयोग, दान और स्वयंसेवी सेवा के माध्यम से किया जाता है।

🔹 आश्रय और दैनिक देखभाल

दिव्यांग, मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त एवं वृद्ध लोगों के लिए सुरक्षित आवास। 24×7 निगरानी और पारिवारिक वातावरण में देखभाल।

🔹 भोजन और स्वास्थ्य

प्रतिदिन पौष्टिक भोजन (नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन)। आवश्यकता अनुसार चिकित्सकीय सहायता और दवाइयाँ।

🔹 मानसिक एवं विशेष सहयोग

मानसिक या बौद्धिक चुनौतियों वाले निवासियों के लिए धैर्यपूर्ण देखभाल, सहयोग और सुरक्षित दिनचर्या। ऐसे लोगों की विशेष सहायता जो स्वयं अपनी आवश्यकताओं को व्यक्त नहीं कर पाते।

सीमित संसाधनों के बावजूद, हमारा प्रयास रहता है कि कोई भी व्यक्ति उपेक्षित या असुरक्षित महसूस न करे।

समाज की भागीदारी

लोग अपनी क्षमता और इच्छा अनुसार निम्न रूपों में सहयोग कर सकते हैं:

  • ✓ आर्थिक दान (आश्रम के दैनिक संचालन एवं आवश्यकताओं के लिए)
  • ✓ राशन सामग्री चावल, आटा, दालें, तेल, चीनी, नमक, मसाले आदि
  • ✓ कपड़े और बिस्तर सामग्री नए या अच्छी स्थिति में प्रयुक्त कपड़े, चादरें, तकिए, गद्दे
  • ✓ सर्दियों की सामग्री कंबल, रजाइयाँ, स्वेटर, जैकेट, मोज़े, रूम हीटर
  • ✓ दवाइयाँ एवं स्वास्थ्य संबंधी सामग्री आवश्यक दवाइयाँ, फर्स्ट-एड किट, सैनिटाइज़र, मास्क, थर्मामीटर
  • ✓ घरेलू उपयोग की वस्तुएँ बर्तन, बाल्टी, मग, पंखे, घरेलू उपकरण (नए या उपयोग किए हुए) जैसे मिक्सर, गैस चूल्हा, कुकवेयर आदि
  • ✓ स्वच्छता एवं दैनिक उपयोग की सामग्री साबुन, शैम्पू, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट, तौलिये, डायपर
  • ✓ स्वयंसेवी सेवा और समयदान देखभाल, भोजन वितरण, सफाई, सहयोगात्मक सेवा

संपर्क करें

यदि आप घरौंदा आश्रम से जुड़ना चाहते हैं या अधिक जानकारी चाहते हैं, तो हमसे संपर्क करें

पता

घरौंदा आश्रम
बाघराज वार्ड, ओबीसी पोस्ट मीट्रिक हॉस्टल के पास
सागर, मध्य प्रदेश
पिन: 470002

फोन नंबर

9827141504
7987865494

संपर्क व्यक्ति

आश्रम संचालिका – डॉ. प्रीति यादव